लखनऊ। अभी हाल में ही लखनऊ के विभूति खण्ड थाने में तैनात सिपाही जनार्दन सिंह के आईपीएस बेटे ने लखनऊ उत्तरी का एएसपी बन कर पुलिस महकमें और माता पिता का नाम रोशन किया तो वहीं राजधानी के आलादातपुर के एक लाल ने कमाल कर दिया। उसने पहली बार में ही भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (आइईएस) परीक्षा में सफलता हासिल की है। सीमित संसाधनों के बीच अध्ययन करने वाले इस होनहार युवक के पिता लखनऊ एसएसपी के आवास में होमगार्ड हैं।

एसएसपी कलानिधि नैथानी ने होनहार शिवम के पिता को सम्मानित किया।

इटौंजा क्षेत्र के गांव आलादातपुर निवासी शिवम मिश्र ने वर्ष 2017 में निजी कॉलेज से बीटेक मैकेनिकल से किया है। वहीं एक वर्ष तैयारी कर पहली बार में ही आइईएस में 114 रैंक हासिल की है। शिवम की कक्षा आठ तक की शिक्षा गांव से हुई। वहीं हाईस्कूल जानकीपुरम के एक निजी स्कूल व इंटर नेशनल कॉलेज से किया है। किसान परिवार में जन्मे शिवम मिश्रा की गणित और अंग्रेजी विषय पर अच्छी पकड़ है।

विज्ञान वर्ग से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की थी। वहीं बीटेक में भी 82.4 अंक फीसद हासिल किए किए थे। शिवम की सफलता पर रिश्तेदारों से लेकर गांव तक में खुशी है।

शिवम के मुताबिक गांव में अन्य इंजीनियर हैं, मगर आइईएस सेवा में सफलता प्राप्त करने वाला पहला हूं। शिवम अपनी सफलता का श्रेय दादा प्रेमचंद्र मिश्र और पिता दुर्गेशचंद्र मिश्र व चाचा को देते हैं। वहीं चाचा एवं पापा दोनों ही होमगार्ड हैं और दोनों की मदद से उनकी पढ़ाई पूरी हुई। तभी यह मुकाम मिल सका। शिवम के पिता दुर्गेशचंद्र मिश्र इस समय एसएसपी आवास पर तैनात हैं। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने शिवम के पिता को सम्मानित किया।