न्यूयॉर्क : अपनी मृत्यु से एक वर्ष पूर्व जर्मनी के वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने ईश्वर और धर्म को लेकर एक पत्र लिखा था। आइंस्टीन के इस पत्र को अमेरिका में करिब 20 करोड़ 38 लाख रुपये (28.9 लाख डॉलर) में नीलाम कर दिया गया। पत्र की नीलामी करने वाले नीलामीघर क्रिस्टीज के अनुसार पत्र की ‌कीमत करीब 10 करोड़ 58 लाख रुपये (15 लाख डॉलर) आंकी गई थी। बता दें कि दो पन्नों के इस पत्र को 3 जनवरी 1954 को जर्मनी के दार्शनिक एरिक गटकाइंड को लिखा गया था। गटकाइंड ने आइंस्टीन को अपनी किताब चूज लाइफ: द बिबलिकल कॉल टू रिवोल्ट की एक प्रति भेजी थी जिसके जवाब में आइंस्टीन ने यह पत्र लिखा था।

बाइबिल पूजनीय किंतु प्राचीन किंवदंतियों का संग्रह –
अपने इस पत्र में आइंस्टीन ने लिखा है कि – मेरे लिए भगवान शब्द का अर्थ कुछ नहीं बल्कि अभिव्यक्ति और इंसान की कमजोरी का प्रतीक है। बाइबिल एक पूजनीय किताब है, लेकिन अभी भी प्राचीन किंवदंतियों का संग्रह है। उन्होंने लिखा है कि – कोई व्याख्या नहीं है, न ही कोई रहस्य अहमियत रखता है, जो मेरे इस रुख में कुछ बदलाव ला सके। बाइबिल की जगह आइंस्टीन ने 17वीं शताब्दी के यहूदी डच दार्शनिक बारुच स्पिनोजा का जिक्र किया है जो कि स्पिनोजा इंसान के दैनिक जीवन में मानवरूपी देवता में विश्वास नहीं रखते थे। हालांकि वो मानते थे कि भगवान एक ब्रह्मांड की उत्कृष्ट सुंदरता और व्यवस्था के लिए जिम्मेदार है।