नई दिल्ली : वित्त वर्ष 2018-19 में राजस्व वसूली में लक्ष्य से पिछड़ जाने के बाद केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शनिवार और रविवार को अवकाश के दिन भी इनकम टैक्स और जीएसटी के दफ्तरों को खुला रखने का फैसला किया है। सीबीडीटी को निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अभी करीब 2 लाख करोड़ रुपये की वसूली करनी है और वित्त वर्ष 2018-19 को समाप्त होने में अब एक ही दिन शेष बचा हुआ है।

सीबीआईसी ने कार्यालय ज्ञापन में कहा कि करदाताओं की सहायता के लिए पूर्व की तरह सीबीआईसी के सभी क्षेत्रीय कार्यालय चालू वित्त वर्ष के अंतिम सप्ताहांत 30 मार्च और 31 मार्च 2019 को खुले रहेंगे। कार्यालय आदेश में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों से करदाताओं द्वारा कर रिटर्न भरने को सुगम बनाने को कहा है. इसके लिए जरूरत के अनुसार 30 और 31 मार्च को अतिरिक्त काउंटर खोलने को कहा गया है।

सीबीडीटी ने कहा कि आकलन वर्ष 2018-19 के लिए विलम्बित/संशोधित कर रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2019 है. वित्त वर्ष 2018-19, 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। 30 और 31 मार्च को क्रमश: शनिवार और रविवार के अवकाश को देखते हुए आयकर कार्यालय पूरे देश में दोनों दिन खुले रहेंगे। दोनों दिन कामकाज कार्यालय के अन्य दिनों की तरह निर्धारित समय के अनुसार होंगे।

सरकार ने चालू वित्त वर्ष में वस्तु एवं सेवा कर संग्रह 11.47 लाख करोड़ रहने का लक्ष्य रखा है। वहीं, प्रत्यक्ष कर संग्रह का अनुमान 12 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। चालू वित्त वर्ष में जीएसटी संग्रह फरवरी तक 10.70 लाख करोड़ रुपये था। प्रत्यक्ष कर के मामले में सीबीडीटी ने 23 मार्च तक केवल 10.21 लाख करोड़ रुपये संग्रह किया है, जो 12 लाख करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से करीब 15 फीसदी कम है।

सीबीडीटी ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों से संग्रह लक्ष्य हासिल करने के लिए हर संभव कदम उठाने को कहा है। रिजर्व बैंक ने भी अपने सभी बैंकों से शाखाएं 31 मार्च को खुली रखने को कहा है, ताकि 2018-19 के लिए सभी सरकारी लेन-देन का कार्य पूरा हो सके। आरटीजीएस तथा एनईएफटी समेत सभी इलेक्ट्रानिक लेन-देन 30 मार्च और 31 मार्च को होंगे।