इंदौर : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के पूर्व विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) प्रवीण कक्कड़ के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी खत्म हो गयी है। जानकारी के अनुसार यह छापामार मुहिम सोमवार देर रात खत्म हो गयी जिसके बाद कक्कड़ मीडिया के समक्ष आये और दावा किया कि यह मुहिम “पूरी तरह से राजनीति से दुष्प्रेरित” थी जिसमें आयकर विभाग को उनके खिलाफ कोई आपत्तिजनक सबूत नहीं मिला।

कक्कड़ ने विजय नगर क्षेत्र में अपने घर के बाहर सोमवार देर रात संवाददाताओं से कहा कि मेरे विचार से यह (आयकर छापे) पूरी तरह से राजनीतिक कार्रवाई थी। आयकर विभाग को मेरे या मेरे परिवार के किसी भी ठिकाने से ऐसा कोई भी दस्तावेज या नकदी या आभूषण नहीं मिला जिसे आपत्तिजनक कहा जा सके।

उन्होंने कहा कि मेरे दोनों बैंक लॉकरों की जांच में भी आयकर अधिकारियों को कोई भी आपत्तिजनक चीज नहीं मिली। हवाला की राशि या किसी राजनीतिक पार्टी के लिये धन संग्रह से भी मेरा कोई लेना-देना नहीं है। मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी ने आरोप लगाया कि छापामार दल के आयकर अधिकारी दरवाजे तोड़कर उनके घर घुसे थे।

उन्होंने कहा कि आयकर विभाग की दिल्ली से आयी टीम के अधिकारी लगभग 48 घंटे मेरे घर में रहे। वे (रविवार) तड़के 03:30 बजे के आस-पास दरवाजे तोड़कर मेरे घर में घुसे थे। मेरे घर में घुसने का उनका तरीका गलत था। हालांकि, दो दिन की बारीक छानबीन के बाद भी उन्हें ऐसी कोई भी आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली, जिसे वे जब्त या बरामद कर सकें।”

यहां चर्चा कर दें कि कक्कड़, राज्य पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी हैं. उनका परिवार हॉस्पिटैलिटी समेत विभिन्न क्षेत्रों के कारोबार से जुड़ा है। उन्हें गत दिसंबर में सूबे में कांग्रेस सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ का ओएसडी नियुक्त किया गया था। हालांकि, लोकसभा चुनावों की घोषणा होने से पहले ही कक्कड़ ने अपने इस पद से इस्तीफा दे दिया था।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और रतलाम के निवर्तमान सांसद कांतिलाल भूरिया जब केंद्र की पूर्ववर्ती संप्रग सरकार में मंत्री थे, तब कक्कड़ उनके भी ओएसडी रहे थे।