नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे के एक महीने बाद राहुल गांधी फिर से सक्रिय हाे रहे हैं। लोकसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने 25 मई को इस्तीफे की पेशकश की थी। इसके बाद संगठन से जुड़ा काेई भी फैसला लेने से बचते रहे, लेकिन राहुल अब बुधवार से तीन चुनावी राज्याें के नेताओं की बैठक लेंगे। उन्होंने 26 जून को महाराष्ट्र, 27 को हरियाणा अाैर 28 को दिल्ली इकाई के बड़े नेताओं को अपने आवास पर बुलाया है।

राहुल गांधी गुटबाजी में फंसे तीनों प्रदेशों के नेताओं के साथ वह विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा करेंगे। फिर तय होगा कि इन प्रदेशों में नेतृत्व परिवर्तन होगा या नहीं। संबंधित राज्यों के प्रभारी महासचिव भी बैठकाें में माैजूद रहेंगे। प्रभारी महासचिव पहले भी चुनाव बाद समीक्षा के लिए कोर कमेटी की बैठक ले चुके हैं, लेकिन बैठकें आरोप-प्रत्यारोप से आगे नहीं बढ़ पाईं। एेसे में राहुल ने ही बैठक बुलाने का फैसला लिया।

उप्र कांग्रेस की जिला इकाइयां भंग
कांग्रेस ने सोमवार को उत्तर प्रदेश में पार्टी की सभी जिला इकाइयां भंग कर इन्हें नए सिरे से गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। प्रदेश में पार्टी विधायक दल के नेता अजय कुमार लल्लू को संगठनात्मक फेरबदल का प्रभारी नियुक्त किया गया है। साथ ही अनुशासनहीनता की शिकायतों के निपटारे के लिए तीन सदस्यीय अनुशासन कमेटी गठित कर उपचुनाव वाली सीटों पर देखरेख के लिए दो सदस्य नियुक्त किए गए हैं।

इस्तीफे पर संशय अब भी बरकरार
राहुल के इस्तीफे पर संशय अब भी बरकरार है। उन्होंने इस्तीफा वापस लेने के लिए कांग्रेस कार्यसमिति का आग्रह न तो मंजूर किया है और न ही नामंजूर। पिछले सप्ताह उन्होंने नया अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया में अपनी भूमिका से साफ इनकार किया था। सोमवार को यूपी के संगठनात्मक फेरबदल संबंधी आदेश पर भी राहुल के बजाय अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुमोदन की बात से साफ है कि राहुल अभी इस्तीफे पर अड़े हैं।