लंदन. शान के लिए जंगली जीवों को बनाने वाले शिकारियों ने पिछले एक दशक में करीब 3 लाख छोटे-बड़े जानवरों को मार डाला। पूरी दुनिया में इस तरह हुए बेजा शिकार से जंगली जानवरों के अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।

जानवरों का शिकार उनकी हडि्डयों, सींगों और शरीर के अन्य हिस्सों के लिए किया गया। बोर्न फ्री फाउंडेशन के आंकड़ों के मुताबिक, बड़े जानवरों में 40 हजार अफ्रीकी हाथी, 14 हजार शेर और 8 हजार चीतों को हंटिंग ट्रॉफी के लिए मारा गया।

जंगलों में 4 लाख हाथी और 20 हजार शेर ही बचे
फाउंडेशन ने जिम्बाब्वे के ह्वांगे नेशनल पार्क में तीर से मारे गए सिसिल शेर की चौथी सालगिरह पर जारी आंकड़ों में दावा किया है कि अब दुनिया के जंगलों में 4 लाख हाथी और 20 हजार शेर ही बचे हैं। सिसिल का शिकार अमेरिकी डेंटिस्ट वॉल्टर पामर ने किया था, जिसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां मिली थीं।

बोर्न फ्री प्रमुख हॉवर्ड जोन्स ने कहा, जानवर जंगलों में रहते हैं, वे दीवारों पर नहीं दिखते। हम बस इतना चाहते हैं कि फिर किसी जानवरों की सिसिल की तरह तकलीफदेह मौत न हो।

जोन्स ने यह भी कहा, इसे रोकने के लिए हम यूके और दूसरी सरकारों पर दबाव बनाएंगे कि शान के लिए जानवरों के शिकार को रोंके और उनके अंगों को आयात न होने दें।