मुंबई/बेंगलुरु. कर्नाटक के बागी विधायक विधानसभा स्पीकर केआर रमेश कुमार से गुरुवार शाम 6 बजे मिलने के बाद मुंबई लौट गए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सभी जेडीएस और कांग्रेस के बागी विधायक विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार से मिलने पहुंचे थे। बागी विधायकों ने बुधवार को रमेश कुमार पर आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उन्होंने कहा था कि विधानसभा स्पीकर जानबूझकर इस्तीफा स्वीकार नहीं कर रहे और इसमें देरी कर रहे हैं।

याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रमेश कुमार से कहा कि विधायकों के इस्तीफे पर जल्द फैसला लें और शुक्रवार तक कोर्ट को बताएं। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मुझे फैसला लेने को कहा है। मैंने हर चीज की वीडियोग्राफी की है। ये सभी चीजें कोर्ट को भेजूंगा। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा बोला जा रहा है कि मैंने प्रक्रिया में देरी की, यह गलत है। राज्यपाल ने मुझे 6 जुलाई को जानकारी दी और मैं तब तक दफ्तर में था। इसके पहले किसी विधायक ने मुझे यह नहीं बताया था कि वे मिलने आ रहा हैं।’’ स्पीकर ने गुरुवार को कहा कि विधायकों के इस्तीफे प्रामाणिक हैं या नहीं यह जांचने में मुझे रातभर का वक्त लगेगा।

कर्नाटक में अब तक कांग्रेस के 13 और जेडीएस के 3 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें से 10 ने इस्तीफा स्वीकार करने में देरी को लेकर शीर्ष अदालत में अर्जी लगाई थी। कोर्ट का आदेश बाकी 6 विधायकों पर लागू नहीं होगा।

सभी विधायक सदन में मौजूद रहें- कांग्रेस
कर्नाटक विधानसभा कांग्रेस के नेता गणेश हुक्केरी ने सभी विधायकों से शुक्रवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में शामिल रहने को कहा है। हुक्केरी के मुताबिक, कई अहम बिल सदन में पेश किए जाएंगे, जो विधायक इस दौरान गैर-मौजूद रहेगा उसे एंटी डिफ्केशन लॉ के तहत अवैध घोषित कर दिया जाएगा।

कांग्रेस के 13 और जेडीएस के 3 विधायकों ने दिया इस्तीफा
उमेश कामतल्ली, बीसी पाटिल, रमेश जारकिहोली, शिवाराम हेब्बर, एच विश्वनाथ, गोपालैया, बी बस्वराज, नारायण गौड़ा, मुनिरत्ना, एसटी सोमाशेखरा, प्रताप गौड़ा पाटिल, मुनिरत्ना और आनंद सिंह इस्तीफा सौंप चुके हैं। वहीं, कांग्रेस के निलंबित विधायक रोशन बेग ने भी मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। बुधवार को के सुधाकर, एमटीबी नागराज ने इस्तीफा दिया।