पेरिस: वायुसेना के एयरफोर्स वाइस चीफ एयर मार्शल आरकेएस भदौरिया ने गुरुवार को कहा कि फ्रांस की राफेल और रूस की सुखोई-30 एमकेआई जेट की जोड़ी पाकिस्तान समेत अन्य दुश्मनों के लिए संघर्ष के समय चिंता का कारण बनेगी। भदौरिया फ्रांस के मोंट डे मार्सन एयरबेस पर चल रहे इंडो-फ्रेंच एयर फोर्स अभ्यास गरुड़ 6 में शामिल हुए।

फ्रांस में ‘गरुड़’ अभ्यास के बाद न्यूज एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर भारत में दोनों लड़ाकू विमान एक साथ काम करना शुरू कर दे तो पाकिस्तान की फिर से 27 फरवरी जैसे हमला करने की हिम्मत नहीं होगी। दोनों लड़ाकू विमान पाकिस्तान या किसी अन्य दुश्मनों को बहुत ज्यादा नुकसान करने में सक्षम हैं। दोनों बेहद शक्तिशाली हैं।

राफेल और सुखोई से सेना और मजबूत होगी- भदौरिया

भदौरिया ने कहा कि बेड़े में शामिल होने के बाद भारतीय सेना और मजबूत होगी। भारत द्वारा बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविर पर हमला करने के बाद पाकिस्तान ने भी हवाई हमले किए थे, जिसे भारतीय वायुसेना के मिग-21 और सु-30 ने विफल कर दिया था। हवाई हमले के बाद भारतीय वायु सेना ने कहा था कि यदि राफेल हमारे बेड़े का हिस्सा होता तो पाकिस्तानियों को कभी नियंत्रण रेखा के करीब आने की हिम्मत नहीं होती।

महाद्वीप का बेहतरीन फाइटर है राफेल

राफेल को ग्राउंड टू एयर और एयर टू एयर मार करने वाली महाद्वीप का सबसे बेहतरीन फाइटर जेट माना जाता है। फ्रांस और भारत के वायु सेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों की सेना इस समय फ्रांस में संयुक्त रूप से ‘गरुड़’ अभ्यास कर रही है। वायुसेना के वाइस चीफ ने कहा कि वह फ्रांसीसी वायु सेना के राफेल विमान को उड़ाने के लिए उत्सुक हैं। 2016 में 36 राफेल खरीदने के लिए फ्रांस के साथ डील की गई थी। भदौरिया इस टीम के प्रमुख थे।

2016 में फ्रांस से हुई डील

भारत और फ्रांस रणनीतिक साझेदार हैं और पिछले कई सालों से सैन्य सहयोग बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने वर्ष 2016 में फ्रांस के साथ 36 राफेल की खरीद के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर की थी। कांग्रेस सरकार में भी फ्रांस से राफेल खरीदने को लेकर डील की गई थी, लेकिन मोदी सरकार ने उस डील को रद्द कर दिया और नई डील की गई।