लाइफ स्टाईल डेस्क: अब कुत्तों को रिमोट से कंट्रोल किया जा सकेगा। इजराइल की बेन-गूरियन यूनिवर्सिटी ने ऐसा सिस्टम तैयार किया है जो वाइब्रेशन के जरिए कुत्ते को संदेश भेजता है। ताई दुनिया का पहला ऐसा कुत्ता है जिस पर यह प्रयोग किया गया है। ताई आवाज के मुकाबले डिवाइस से भेजे गए वाइब्रेशन को भाषा को ज्यादा बेहतर और आसानी से समझता है।

सामने न होने पर भी कुत्तों को किया जा सकेगा कंट्रोल
ताई की उम्र 6 साल है। यह लेब्राडोर और जर्मन शेफर्ड की क्रॉसबीड है। यह इंसान के इशारे समझ सके, इसके लिए उसे एक खास किस्म की जैकेट पहनाई गई। इसमें लगे सेंसर से वाइब्रेशन पैदा होता है, जो उसके लिए एक भाषा की तरह काम करता है। यह उसे बताता है कि उसका मालिक क्या करने के लिए कह रहा है।

शोधकर्ताओं का दावा है, कुत्ते को कंट्रोल करने वाला सिस्टम उन लोगों के लिए बेहतर साबित होगा जो चल-फिर नहीं पाते या जानवर उनकी नजरों के सामने नहीं है। मिलिट्री और रेस्क्यू मिशन में शामिल होने वाले कुत्तों के लिए भी यह सिस्टम बेहतर साबित होगा।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, कुत्ते को पहनाई जाने वाली जैकेट में पीछे और किनारे पर 4 छोटे वाइब्रेशन बटन लगाए गए हैं। हर बटन के अलग मायने है। इनमें उछलना, नीचे आना, पास आना और पीछे जाने के लिए रिमोट से वाइब्रेशन बटन के जरिए अलर्ट भेजते हैं। इसके लिए उन्हें अलग-अलग बटन के मुताबिक ट्रेनिंग भी दी गई।

यूनिवर्सिटी में रोबोटिक्स लाइब्रेरी के डायरेक्टर प्रो. आमिर शेपिरो के मुताबिक, अब तक की रिसर्च में सामने आया है कि बोलने की अपेक्षा कुत्ते वाइब्रेशन से संवाद को बेहतर समझते हैं। हाल ही इस कॉन्सेप्ट को जापान में आयोजित वर्ल्ड हेप्टिक कॉन्फ्रेंस में पेश किया गया था। जल्द ही इसका तकनीक का प्रयोग दूसरी प्रजाति के कुत्तों पर किया जाएगा और उन्हें इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी।