बेंगलुरु: कर्नाटक में सरकार बनाने के बाद भाजपा ने विधानसभा स्पीकर केआर रमेश कुमार को पद छोड़ने के लिए कह दिया है। अगर स्पीकर मर्जी से पद नहीं छोड़ते हैं तो भाजपा उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है। वहीं, जेडीएस ने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को समर्थन देने से इनकार कर दिया। जेडीएस ने कहा है कि वह विधानसभा में विपक्ष की भूमिका में ही रहेगी। कर्नाटक में चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद येदियुरप्पा 29 जुलाई को बहुमत साबित करेंगे।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने बताया कि रमेश कुमार को पद छोड़ने के लिए कह दिया गया है, जो पारंपरिक रूप से सत्तारूढ़ दल के किसी सदस्य के पास होता है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा।

भाजपा ने कहा- स्पीकर के फैसले का इंतजार कर रहे

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘हमारा पहला एजेंडा विश्वास मत साबित करना है। इसके बाद सोमवार को वित्तीय बिल पास कराया जाएगा। हम सिर्फ स्पीकर के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। विपक्ष का स्पीकर अभी तक नहीं हुआ है। यह परंपरा में नहीं है। रमेश कुमार को पद से इस्तीफा देना होगा।’’

अयोग्य घोषित विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
स्पीकर ने 15 में से तीन बागी विधायकों को गुरुवार को अयोग्य घोषित कर दिया था। तीनों कांग्रेस विधायक रमेश एल जारकिहोली, महेश कुमाथल्ली और निर्दलीय विधायक आर शंकर ने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। स्पीकर ने कहा कि 23 मई 2023 तक उनकी सदस्यता खत्म रहेगी। साथ ही उनके उपचुनाव लड़ने पर भी रोक लगा दी गई थी।