नई दिल्ली: सपा सांसद आजम खान ने लोकसभा में भाजपा सांसद रमा देवी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने पर माफी मांग ली है। आजम ने सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान रमा देवी को अपनी बहन बताया। इस पर रमा देवी ने कहा कि आपकी आदत जरूरत से ज्यादा बिगड़ी हुई है। यह आदत जानी चाहिए। आजम ने 25 जुलाई को पीठासीन अधिकारी रमा देवी पर अभद्र टिप्पणी की थी।

आजम ने सदन में कहा, ‘‘मैं पहले भी कह चुका हूं कि वे मेरी बहन जैसी हैं। मेरी ऐसी कोई भावना चेयर के प्रति न थी और न हो सकती है। मेरे भाषण और आचरण को सारा सदन जानता है। इसके बावजूद भी चेयर को ऐसा लगता है कि मेरे से कोई गलती हुई है तो मैं उसकी क्षमा चाहता हूं।’’

‘हमारी कोशिश होनी चाहिए कि आसंदी की गरिमा बनी रहे’

स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा, ‘‘ये सदन सबका है। ये सबकी सहमति से चलता है। मेरा सभी से आग्रह है कि जब बात करें तो चेयर (आसंदी) की तरफ देखकर बात करें। ऐसा कोई भी शब्द जिससे हमारी छवि खराब हो, उसे नहीं कहना चाहिए। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि आसंदी की गरिमा बनी रहे।’’

संसद की कार्यवाही से पहले ओम बिड़ला ने अपने ऑफिस में अखिलेश यादव और आजम खान के साथ बैठक भी की थी। इसमें रमा देवी भी शामिल रहीं।

आजम खान की यह आदत जानी चाहिए: रमा देवी

रमा देवी ने कहा- आजम खान के बयान से देशभर की महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंची है। उनकी ऐसी आदत रही है, यह आदत जानी चाहिए। ये सदन के बाहर भी ऐसे ही विवादित बयान देते रहे हैं। आजम खान की जो आदत रही है, ऐसा नहीं कि वो जो मन में आए बोल दें। अखिलेश यादव भी उनका साथ दे रहे हैं।

बगैर माफी मांगे संसद से चले गए थे आजम

25 जुलाई को लोकसभा में तीन तलाक बिल पर बहस के दौरान शिवहर (बिहार) से सांसद रमा देवी आसंदी पर बैठी हुई थीं। तभी आजम ने उन पर टिप्पणी की। इसके बाद लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आजम से माफी की मांग की थी। वहीं, बिड़ला ने भी आजम से माफी मांगने को कहा। इसके बाद आजम ने रमा देवी को अपनी प्यारी बहन बताया। लेकिन माफी मांगने की बात पर वह यह कहकर सदन से बाहर चले गए कि मुझे बेइज्जती सहकर यहां बात नहीं रखनी।

मुझमें आजम जैसे लोगों का सामना करने की हिम्मत: रमा देवी
रमा देवी ने आजम के बयान पर शनिवार को कहा था- “जिस कुर्सी पर मैं बैठी थी वह सभी की है। उन्होंने अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल देश की सभी महिलाओं के लिए किया है। मेरे संसदीय क्षेत्र की जनता ने मुझ पर विश्वास जताया और मुझे चुनकर संसद में भेजा। मुझमें ऐसे लोगों (आजम खान) का सामना करने की ताकत है।”