वॉशिंगटन: ईरान के साथ लगातार बढ़ रहे तनाव को खत्म करने के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने तेहरान में लोगों से सीधे बात करने की पेशकश की थी। इसके लिए ईरान ने इजाजत नहीं दी। पोम्पियो ने ट्वीट के जरिए जानकारी दी। यह भी कहा कि ईरान के विदेश मंत्री जावद जरीफ के अमेरिका आ सकते हैं। हम उनके अमेरिका आने से भयभीत नहीं हैं। पिछले महीने ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकरों में विस्फोट और ईरान के अमेरिकी खुफिया ड्रोन को मार गिराने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव है।

पोम्पियो ने ट्वीट किया, “मैंने हाल ही में तेहरान की यात्रा करने और ईरान की जनता से सीधे बात करने की पेशकश की थी इस प्रस्ताव को ईरान ने मंजूर नहीं किया।”

‘अमेरिका में बातचीत की खुली आजादी है’
पोम्पियो ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई प्रशासन द्वारा बताए गए तथ्यों में सच्चाई नहीं है। वे मुझे बताते क्यों नहीं कि उनका क्या विचार है? क्या होगा यदि ईरान की जनता वास्तविक सच्चाई जाने। हम ईरान के अधिकारियों के वॉशिंगटन आने से कभी भयभीत नहीं रहे। हमारे यहां बातचीत करने की खुली आजादी है।

अमेरिका के ईरान पर प्रतिबंध लगाने से बढ़ रहा तनाव

इससे पहले जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते के तहत संयुक्त कार्रवाई योजना (जेसीपीओए) के सभी सदस्यों की बैठक बुलाने का आह्वान किया। इन देशों के मुताबिक, अमेरिका के लगातार ईरान पर प्रतिबंध लगाने और ईरान के इस समझौते के प्रावधानों को तोड़ने के कारण खतरा बढ़ता जा रहा है।

प्रतिबंध हटाने के बाद बातचीत के लिए तैयार है ईरान
ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने 14 जुलाई को कहा था कि अगर अमेरिका सारे प्रतिबंध हटा देता है तो हम बातचीत के लिए तैयार हैं। रूहानी ने कहा था कि अमेरिका हमें धमकाना बंद करे। ईरान ने अब संयम छोड़कर जवाबी कार्रवाई की नीति अपना ली है। परमाणु समझौते से जुड़े किसी भी कदम का सख्ती से जवाब देंगे।