लखनऊ : उन्नाव में दुष्कर्म पीड़ित लड़की की कार को टक्कर मारने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को संज्ञान लिया। चीफ जस्टिस रंजन गाेगाेई की बेंच ने सुप्रीम काेर्ट रजिस्ट्री से ही उन्हें पीड़ित लड़की की चिट्ठी नहीं मिलने पर जवाब मांगा। गोगोई ने कहा- सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री जवाब दें कि ऐसा क्यों हुआ?’ दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट के असिस्टेंट रजिस्ट्रार द्वारा तैयार आॅफिस रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि यह मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट में आया था।

16 अप्रैल को पीड़ित लड़की की मां ने याचिका लगाई थी कि इस केस को उत्तरप्रदेश से बाहर ट्रांसफर किया जाए। क्योंकि, वहां पुलिस सही जांच नहीं कर रही है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई समेत 15 पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। लेकिन, ये नोटिस दो महीने 12 दिन तक रजिस्ट्री में ही दबे रहे। बाद में 28 जून को नोटिस डाक से भेजे गए।

यह मामला रजिस्ट्रार की कोर्ट में 26 जुलाई को लिस्टेड था। लेकिन, अभी तक सीबीआई समेत किसी भी पक्षकार ने जवाब दायर नहीं किए हैं। परिवार ने 33 शिकायतें कीं, जिन्हें पुलिस ने खारिज कर दिया, एसपी बोले- दोबारा जांचेंगे
दुष्कर्म पीड़ित के परिवार ने उसे मिलने वाली धमकियों को लेकर एक साल में 35 बार शिकायत की थी। इस पर उन्नाव के एसपी एमपी वर्मा ने कहा कि- ‘पुलिस को 35 नहीं, 33 शिकायतें मिली हैं। इनमें तथ्य नहीं मिले थे, इसलिए खारिज कर दीं। लेकिन, अब हम दोबारा जांचेंगे।

भाजपा विधायक, मंत्री के दामाद समेत 10 नामजद : सीबीअाई ने कार में टक्कर मारने की मामले में बुधवार काे भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर समेत 10 नामजद अाैर 20 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। आरोपियों में नवाबगंज का ब्लाॅक प्रमुख अरुण सिंह भी शामिल है। वह यूपी में मंत्री रविंद्र प्रताप सिंह का दामाद है। उसे सेंगर का करीबी बताया जाता है।

विपक्ष ने लाेकसभा से वाकअाॅउट किया : उन्नाव मामले में लगातार चाैथे दिन कांग्रेस, डीएमके, राकांपा, अारएसपी अाैर मुस्लिम लीग सहित अन्य विपक्षी दलाें ने लोकसभा में हंगामा किया। सदन में चर्चा की मंजूरी नहीं मिलने पर विपक्ष ने वॉकआउट किया।

विध्वंसकारी माहौल में पीड़ित के लिए बेहतर करेंग : बेंच – पीड़ित की कार दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने सेक्रेटरी जनरल को एक सप्ताह में उत्तरप्रदेश सरकार से विस्तृत रिपोर्ट लेने के लिए निर्देश दिए हैं। बेंच ने कहा कि हम पीड़ित की चिट्ठी को याचिका के तौर पर सुनवाई के लिए लेंगे और प्रयास करेंगे कि पीड़ित के लिए इस विध्वंसकारी माहौल में कुछ बेहतर किया जा सके। सुप्रीम काेर्ट ने उत्तरप्रदेश सरकार से दुष्कर्म मामले में जांच की भी स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। साथ ही पीड़ित की मेडिकल रिपोर्ट भी मांगी है। पीड़ित अभी लखनऊ के अस्पताल में वेंटिलेटर पर है। उसके वकील की हालत भी गंभीर बनी हुई है।