नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात पर दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने सोमवार को कहा कि कश्मीर समस्या का सामधान शुरू हो चुका है। आधी रात से जम्मू-कश्मीर में तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को नजरबंद कर दिया गया है। घाटी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

खेर एक कश्मीरी पंडित हैं। कई मौकों पर वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार का समर्थन करते देखे गए हैं। उनकी पत्नी किरण खेर पार्टी से सांसद हैं। खेर पहले कई बार कह चुके हैं कि अनुच्छेद 370 हटाकर ही घाटी में सभी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

वहीं, पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को नजरबंद किए जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने सोमवार को ट्वीट किया, ‘‘जम्मू-कश्मीर के नेताओं को नजरबंद किया जाना इस बात का संकेत है कि सरकार अपने उद्देश्य को हासिल करने के लिए सभी लोकतांत्रिक सिद्धांतों और मूल्यों को कुचल देगी। मैं उन्हें नजरबंद किए जाने की आलोचना करता हूं।’’

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में इस कार्रवाई को लेकर पहले ही चेतावनी दे दी थी। लगता है सरकार अब ऐसा करने पर अड़ गई है। कश्मीर में अगर कोई बड़ा संकट आता है को आज दिन खत्म होने से पहले हमें पता चल जाएगा।

‘वाजपेयी जी की कमी महसूस हो रही’

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर में ऐसी स्थिति होने पर कहा कि आज अटल बिहारी वाजपेयी की कमी महसूस हो रही है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा होने के बाद भी वाजपेयी जी को हमेशा कश्मीरियों के प्रति सहानूभूति रही। उन्होंने कश्मीर की जनता का प्यार और विश्वास जीता।’’

न्होंने यह भी कहा कि जो लोग जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात पर जश्न मना रहे हैं वह इस बात से अनजान हैं कि भारत सरकार द्वारा उठाए गए किसी भी कदम के दूरगामी नतीजे होंगे।

घाटी में धारा 144 लागू

सुरक्षा के नजरिए से संवेदनशील बने जम्मू-कश्मीर में रात 12 बजे धारा-144 लागू कर दी गई है। प्रशासन ने राज्य में रैलियों पर भी रोक लगा दी गई है। साथ ही मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया है। सोमवार से राज्य में सभी स्कूल-कॉलेज भी बंद रहेंगे।