श्रीनगर. केंद्र सरकार ने सोमवार को अनुच्छेद 370 हटा दिया। अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश होंगे। राज्य में सेना और वायुसेना हाईअलर्ट पर हैं। केंद्र सरकार ने सुरक्षा को लेकर कश्मीर घाटी में पैरामिलिट्री के 8 हजार अतिरिक्त जवान तैनात करने का आदेश दिया। यह पैरामिलिट्री उत्तर प्रदेश, असम, ओडिशा समेत अन्य राज्यों से एयरलिफ्ट कर तत्काल प्रभाव से घाटी में भेजे जा रहे हैं। इससे पहले भी पिछले महीने 10 हजार अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए थे।

सुरक्षा के नजरिए से संवेदनशील बने जम्मू-कश्मीर में रविवार रात 12 बजे से धारा-144 लागू कर दी गई। प्रशासन ने राज्य में रैलियों पर भी रोक लगा दी है। मोबाइल-इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है। सोमवार को राज्य में सभी स्कूल-कॉलेज भी बंद रहे।

राज्यसभा में अनुच्छेद 370 हटाने के लिए संकल्प पेश किया

सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में अनुच्छेद 370 हटाने के लिए संकल्प पेश किया था। शाह के प्रस्ताव रखने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अनुच्छेद 370 हटाने के लिए संविधान आदेश (जम्मू-कश्मीर के लिए) 2019 के तहत अधिसूचना जारी कर दी। शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर दिल्ली और पुड्डुचेरी की तरह केंद्र शासित प्रदेश रहेगा यानी यहां विधानसभा रहेगी। वहीं, लद्दाख की स्थिति चंडीगढ़ की तरह होगी, जहां विधानसभा नहीं होगी।

जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन

जम्मू-कश्मीर में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लागू है, जो 3 जनवरी 2019 को खत्म होगा। इससे पहले केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के कश्मीर दौरे के बाद राज्य में 10 हजार अतिरिक्त सुरक्षाबलों की 100 कंपनियां तैनात की थीं। सूत्रों की मानें तो श्रीनगर में 15, पुलवामा और सोपोर में 10-10, बाकी 10 जिलों में 5-5 कंपनियां तैनात की गईं।