लंदन. ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स के रिसर्चर्स ने दुनिया के सबसे पतला सोने का रूप तैयार किया है। सामान्य सोने से 10 गुना उपयोगी यह सोना इंसानी नाखून से करीब 10 लाख गुना पतला है। दो परमाणु से मिलकर बने इस शुद्ध सोने की मोटाई 0.47 नैनोमीटर है। इस धातु का इस्तेमाल कैंसर ठीक करने में उपयोगी मेडिकल स्ट्रूमेंट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्रीज में और बढ़ेगा। अभी सोने का इस्तेमाल एयरोस्पेस, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों में हो रहा है।

सामान्य सोने से 10 गुना अधिक प्रभावी
सोने को कम कठोर धातुओं में गिना जाता है। तकनीक के विकास में इसका 2डी फॉर्म और भी उपयोगी साबित होगा। इसका इस्तेमाल मोड़ने वाली स्क्रीन, इलेक्ट्रॉनिक इंक और पारदर्शी संचालन डिस्प्ले में बढ़ेगा। हाल ही मैं हुए परीक्षणों से संकेत मिले हैं कि 2डी गोल्ड का इस्तेमाल वर्तमान सोने से 10 गुना अधिक प्रभावी होगा।

उपकरणों में इसका प्रयोग हमारी मेडिकल परीक्षणों की गति और पानी साफ करने की प्रक्रिया को और बेहतर कर देगा। इतना ही इसकी थोड़ी सी मात्रा से मशीनों की कीमतें बढेंगी, जिसका सबसे अधिक फायदा निर्माताओं को हो सकता है।

शोध की देखरेख करने वाले प्रोफेसर स्टीफन इवेंस के मुताबिक, 2डी गोल्ड की क्षमता को उपयोगी बनाने के लिए निश्चित ही हमारे पास कई आइडिया हैं। हम यह भी जानते हैं, 2डी गोल्ड मौजूदा प्रौद्योगिकियों की तुलना में अधिक प्रभावी होगा।