नई दिल्ली. भारतीय सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, केरल के अब तक 98 महिला, पुरुष और बच्चे आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) में शामिल हो चुके हैं। जून तक इनमें से 38 मारे गए। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि करीब 15 दिन पहले भी केरल का एक युवक आईएस की तरफ से लड़ते हुए अफगानिस्तान में मारा गया। मृतक की पहचान सैफुद्दीन के तौर पर हुई। वह अमेरिका-अफगानिस्तान के एक ऑपरेशन के तहत मारा गया।

सुरक्षा एजेंसी के हवाले एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया, सैफुद्दीन केरल के मलप्पुरम का रहने वाला था। मलप्पुरम, कन्नूर और कासरगोड केरल के टॉप 3 जिले हैं, जहां से ज्यादा संख्या में लोग आईएस में भर्ती हुए।ये लोग आईएस के लिए सीरिया और इराक में ट्रेनिंग लेते हैं। फिर इन्हें काबुल समेत अन्य जगहों पर लड़ने के लिए भेजा जाता है।

सितंबर में भारत में 10 दिन रहकर लौट गया था सैफुद्दीन

सुरक्षा अधिकारी ने बताया, सैफुद्दीन ने 2014 में अपनी पढ़ाई पूरी की और फिर वह अचानक सलाफी विचारधारा (उन्माद बढ़ाने वाली) में रुचि लेने लगा। 2014 में ही वह नौकरी के लिए सऊदी अरब गया। यहां वह सलाफी की पढ़ाई करने लगा। इसके बाद वह सलाफी-जिहादी ग्रुप आईएस में शामिल हो गया। सैफुद्दीन सितंबर 2018 में भारत आया था और 10 दिन रहकर वापस दुबई चला गया था। वह अपने परिवार से मोबाइल मैसेज से बात करता था, लेकिन वह कहां है, यह नहीं बताता था।

खुफिया विभाग तलाश रहा आईएस कनेक्शन

अधिकारी ने बताया कि वे सैफुद्दीन और आईएस में शामिल करवाने वाले लोगों के बीच कनेक्शन तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। यह लोग केरल में हो सकते हैं। सैफुद्दीन अपने क्षेत्र का अकेला व्यक्ति नहीं है, जो आईएस में शामिल हुआ। उसका एक और दोस्त कुछ समय से गायब है। सुरक्षा एजेंसी उस दोस्त की तलाश करके आईएस कनेक्शन तक पहुंचने की कोशिश में है।