लंदन. विजय माल्या (63) ने एक बार फिर 100% लोन चुकाने के सेटलमेंट का प्रस्ताव रखा। माल्या ने बुधवार को ट्वीट कर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पिछले हफ्ते लोकसभा में दिए गए बयान का जिक्र किया। सीतारमण ने कहा था कि कारोबारी विफलता को बुरी नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के जरिए कारोबारियों को सम्मानजनक तरीके से कर्ज से निकलने का मौका देना चाहिए। सीतारमण ने कैफे कॉफी डे के फाउंडर वीजी सिद्धार्थ की मौत के मामले में यह जिक्र किया था।

सरकारी एजेंसियों, बैंकों का रवैया हताश करने वाला: माल्या

सीतारमण के बयान के रेफरेंस में माल्या ने कहा कि इसी भावना से उसका प्रस्ताव स्वीकार करें। माल्या ने पिछले हफ्ते सिद्धार्थ और अपनी स्थिति समान बताते हुए कहा था कि सरकारी एजेंसियां और बैंकों का रवैया किसी को भी हताश कर सकता है। पूरा भुगतान करने के ऑफर के बावजूद देखिए मेरे साथ क्या हो रहा है? यह अनैतिक और निर्दयी है।

माल्या के प्रत्यर्पण मामले में यूके हाईकोर्ट में फरवरी 2020 में सुनवाई होगी

माल्या पहले भी कई बार कह चुका है कि वह पूरा कर्ज चुकाने को तैयार है। माल्या पर बैंकों के 9,000 करोड़ रुपए बकाया हैं। उसकी किंगफिशर एयरलाइंस ने लोन लिया था। माल्या के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के भी आरोप हैं। उसके प्रत्यपर्ण मामले की सुनवाई यूके हाईकोर्ट में अगले साल फरवरी में होगी। पिछले साल दिसंबर में लंदन की वेस्टमिंस्टर अदालत ने प्रत्यर्पण का फैसला सुनाया था। यूके के तत्कालीन गृह सचिव साजिद जाविद ने भी मंजूरी दे दी थी। लेकिन, माल्या ने फैसले को चुनौती दी। पिछले महीने उसे यूके हाईकोर्ट में अपील दायर करने की इजाजत मिल गई।