वॉशिंगटन. अमेरिका के केंटकी राज्य में एशियन कार्प प्रजाति की मछली गंभीर समस्या बन चुकी है। यह प्रांत के झीलों और बांधों में बहुतायत से है। इन्हें पकड़ने के लिए सरकार ने अनोखा तरीका खोजा है। केंटकी डिपार्टमेंट ऑफ फिश एंड वाइल्डलाइफ रिसोर्स ने करंट छोड़ने वाली बोट्स बनाई हैं। पानी में जाते ही बोट करंट छोड़ती है, जिसके चलते भारी तादाद में मछलियां अचेत होकर पानी की सतह पर आ जाती हैं। इन्हें इकट्ठा कर लिया जाता है।

हाल ही में एक डैम में किया गया परीक्षण
मंगलवार को बार्कले डैम में बोट उतारी गई। वीडियो में देखा जा सकता है कि पानी में करंट फैलते ही मछलियां कुछ फीट उछलीं और उसके बाद बेहोश हो गईं। डिपार्टमेंट का कहना है कि हमारा मकसद मछलियों को मारना नहीं बल्कि उन्हें अचेत करना है।

फिशरीज डिवीजन के डायरेक्टर रॉन ब्रूक्स के मुताबिक- यह एक महज आइडिया था, जिसे हम व्यवहार में लाए। बेहोश होने के बाद मछलियों को व्यापारियों को बेच दिया जाता है। इनका इस्तेमाल खाने के अलावा फर्टिलाइजर में किया जाता है।

रिपोर्ट के मुताबिक- एशियन कार्प मछलियों को 1970 के दशक में कैटफिश फार्मर्स अमेरिका लाए थे। इन्हें मिसीसिपी, मिसौरी नदियों में बहा दिया गया। इन मछलियों की आबादी तेजी से बढ़ती है। इनका नुकसान यह है कि ये पूरे जलतंत्र का भोजन खुद खा लेती हैं, जिससे बाकी मछलियों को कुछ नहीं मिल पाता।

ब्रूक्स के मुताबिक- मुझे नहीं लगता कि इस तकनीक से भी तालाबों, बांधों या नदी तंत्र से एशियन कार्प पूरी तरह खत्म हो सकती है। इन मछलियों को अमेरिका आए 30 साल से ज्यादा हो चुके हैं। इन्हें यहां एक खास मकसद से लाया गया था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि आगे जाकर ये इतनी बड़ी समस्या बन जाएंगी।

कार्प आवाज को लेकर संवेदनशील होती हैं। जैसे ही मोटरबोट पानी में खलबली मचाती है, मछलियां पानी से निकल आती हैं। सिल्वर कार्प 10 फीट तक उछल सकती है। एशियन कार्प खतरनाक मछली है, यह मछुआरों और उनकी नौका को नुकसान पहुंचाती है, उनके उपकरण तोड़ देती है।

ब्रूक्स के मुताबिक- एशियन कार्प को वॉटर सिस्टम से खत्म करने के लिए केंटकी और टेनेंसी साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस साल उम्मीद कर रहे हैं कि हम करीब 23 लाख किलो मछली पकड़ लेंगे। हमारा मकसद केंटकी और बार्कले झीलों को बचाना है। पर्यटन के लिहाज से ये दोनों झीलें काफी अहम हैं। दोनों राज्यों को हर साल टूरिज्म से अरबों डॉलर की आमदनी होती है।