नई दिल्ली. दिवालिया जेट एयरवेज के फाउंडर नरेश गोयल ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका वापस लेने की अर्जी लगाई। गोयल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी है। इसे दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए गोयल ने विदेश जाने की इजाजत मांगी थी। लेकिन, कोर्ट ने पिछले महीने कहा था कि विदेश जाना चाहें तो 18 हजार करोड़ रुपए की गारंटी देनी होगी। अब गोयल याचिका वापस लेना चाहते हैं। उनकी अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई के आसार हैं।

गोयल को 25 मई को मुंबई में एयरपोर्ट पर रोका गया था
गोयल का कहना है कि 18,000 करोड़ रुपए के फ्रॉड के मामले में सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) जांच कर रहा है। वे पूरा सहयोग कर रहे हैं। इसलिए, विदेश जाने की इजाजत की मांग वाली याचिका वापस ले रहे हैं। जुलाई में विदेश जाना बेहद जरूरी था। इसलिए, याचिका दायर की थी। लेकिन, याचिका लगाने के बाद एसएफआईओ का समन मिल गया।

नरेश गोयल और पत्नी अनीता को 25 मई को मुंबई एयरपोर्ट पर फ्लाइट से उतार लिया गया था। वे दुबई होते हुए लंदन जाना चाहते थे। जेट एयरवेज में वित्तीय अनियमितताएं पाने जाने की वजह से कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री ने गोयल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। मंत्रालय ने एसएफआईओ को जांच के आदेश दिए थे।

एक दौर में देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन रही जेट एयरवेज दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है। आर्थिक संकट की वजह से अप्रैल में संचालन बंद हो गया था। लोन रीस्ट्रक्चरिंग प्लान के तहत नरेश और अनीता ने मार्च में जेट के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था। नरेश गोयल ने चेयरमैन का पद भी छोड़ दिया था।