नई दिल्ली. कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की शनिवार को अहम बैठक होगी। शुक्रवार को सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि जल्द ही पार्टी अध्यक्ष का चुनाव कर लिया जाएगा। अध्यक्ष पद की दौड़ में मल्लिकार्जुन खड़गे और मुकुल वासनिक सबसे आगे चल रहे हैं।

सूत्रों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि सबसे पहले कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मुलाकात होगी। इसके बाद सभी लोग पांच समूहों में बंट जाएंगे। इस दौरान पार्टी के अगले अध्यक्ष को लेकर चर्चा होगी। सबसे पहले प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ मुलाकात होगी।

25 मई को राहुल गांधी ने दिया था इस्तीफा

राहुल गांधी की ओर से पहले ही स्पष्ट कर दिया गया है कि अध्यक्ष चुनने में किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। राहुल ने कहा था कि अध्यक्ष चुनने के लिए कांग्रेस को दबाव में देखकर अच्छा लग रहा है। यही एक बात है जो पार्टी को बेहतर करने में सफल करेगी। राहुल ने लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद 25 मई को अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।

पार्टी महासचिव प्रदेश नेताओं से चर्चा करेंगे

सूत्रों ने बताया कि बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख, विभाग प्रमुख, यूनिट प्रमुख समेत अन्य नेता भी मौजूद रहेंगे। पार्टी महासचिवों से कहा गया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी, कांग्रेस विधायिका कमेटी, विभाग प्रमुखों, यूनिट प्रमुखों से अलग-अलग इस मामले पर चर्चा करें।

सीडब्ल्यूसी आखिरकार निर्णय लेगा: वेणुगोपाल

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शुक्रवार को कहा, “कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक शनिवार को होगी। इसमें पार्टी के नए अध्यक्ष को लेकर विभिन्न नेताओं के साथ व्यापक चर्चा की जाएगी। इसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी अध्यक्ष, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव और सभी सांसद हिस्सा लेंगे। सीडब्ल्यूसी आखिरी निर्णय लेगी।”

नया अध्यक्ष, जो सभी को साथ लेकर चले: सिंघवी

इससे पहले, सिंघवी ने कहा था, “बैठक में ऐसे अध्यक्ष का चयन होना चाहिए जो सबको साथ लेकर चलने की योग्यता रखता हो। जिस तरह वेटिकन में उत्तराधिकारी का चयन एक बंद कमरे में हो जाता है। ठीक उसी प्रकार कांग्रेस के अध्यक्ष का चयन भी कल हो ही जाना चाहिए।”

कई नेताओं ने प्रियंका को अध्यक्ष बनाने की बात कही
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह ने कहा था कि अगर प्रियंका पार्टी अध्यक्ष बनती हैं तो वे कैडर में अधिक जोश भर सकती हैं। उनमें लोगों को एकजुट करने की ताकत है। नेतृत्व तय करने में देरी से पार्टी को नुकसान हुआ है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि पार्टी की कमान किसी युवा नेता के हाथों में ही दी जाना चाहिए।

वहीं, प्रियंका ने कहा था कि मेरा नाम अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों में न शामिल किया जाए। ऐसा माना जा रहा है कि कर्नाटक में राजनीतिक उठापटक के कारण ही पार्टी अध्यक्ष के चयन में देरी हुई। शशि थरूर ने कहा था कि प्रियंका अध्यक्ष पद के लिए दावेदार होंगी या नहीं, यह फैसला गांधी परिवार ही करेगा।