अमृतसरः जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से ही पाकिस्तान में बौखलाहट है. ईद-उल-अजहा पर भी यह तल्खी देखने को मिली. आज देश दुनिया में ईद-उल-अजहा हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. इस मौके पर हर साल पाकिस्तान और भारत के जवान एक-दूसरे के साथ मिठाई अदान-प्रदान करते हैं. लेकिन इस बार पाकिस्तान ने बीएसएफ से मिठाई लेने से इनकार कर दिया.

हर साल जब भी कोई बड़ा त्यौहार होता है तो ऐसे मौके पर अटारी-वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तान और भारत के ओर से अधिकारिक रूप से मिठाई का आदान-प्रदान किया जाता है, जो इस बार नहीं हुआ. इतना ही नहीं अंतरराष्ट्रीय हुसैनीवाला बॉर्डर की ज्वाइंट चेक पोस्ट पर भी पाक-भारत की ओर से मिठाई लेने और देने का कार्यक्रम नहीं हुआ. बीएसएफ के अधिकारियों द्वारा मिठाई देने की तैयारियां पूरी कर ली गई थी.

बीएसएफ के एक अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से बकरीद पर अटारी-वाघा बॉर्डर और हुसैनीवाला बॉर्डर पर मिठाई देने और लेने का कोई संदेश नहीं भेजा गया. वैसे हर साल पाकिस्तान की ओर से पहले संदेश आ जाता था. लेकिन इस बार अब तक ऐसा कोई संदेश नहीं आया. इससे पहले पाकिस्तान ने समझौता और थार एक्सप्रेस के साथ लाहौर बस सेवा को बंद कर दिया था.एक तरफ पाकिस्तान ने ऐसा बर्ताव किया वहीं, भारत-बांग्लादेश सीमा पर भी बकरीद धूमधाम से मनाई गई. इस मौके पर फुलबाड़ी में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने सोमवार को बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच मिठाइयां बांटी.

अब तक सीमाओं पर भले ही देशों के बीच बंटवारा हो गया हो, लेकिन त्योहार के मौके पर बॉर्डर पर तैनात जवान एक-दूसरे से खुलकर गले मिलते हैं. लेकिन पाकिस्तान को पड़ोसियों के साथ मिल-जुलकर रहने की परंपरा रास नहीं आती.

बता दें कि पूरे देश में धूमधाम के साथ ईद-उल-अजहा (बकरीद) मनाई जा रही है. कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश के सभी मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की जा रही है. इस मौके पर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के मद्देनजर कड़े इंतजाम किए गए हैं. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी ईद धूम धाम से मनाई गई.