विदेश मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक बुधवार को पीएम मोदी अपने मेजबान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मिलकर यह खास मोबाइल ऐप को लॉन्च करेंगे. योगा फॉर हेल्दी बॉडी एंड माइंड नामक इस एप्लीकेशन को विशेष रूस से ट्रांस साइबेरियन रेल गाड़ी से सफर करने वाले यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है. इस एप्लीकेशन में ऐसे योगासन बताए गए हैं जिन्हें रेलगाड़ी में किया जा सकता है. यह रेल लाइन 1916 से सक्रिय है और सुदूर पूर्व में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों के कारण अब इसका दायरा भी बढ़ाया जा रहा है. ट्रांस साइबेरियन रेल नेटवर्क बीजिंग और मॉस्को को भी रेल मार्ग से जोड़ता है.

9289 किमी लंबी है रेल लाइन महत्वपूर्ण है कि रूस की राजधानी मॉस्को को सुदूर पूर्व के बड़े केंद्र व्लादिवोस्तक से जोड़ने वाली 9289 किमी लंबी रेल लाइन दुनिया में सबसे लंबी है. ट्रांस साइबेरियन रेल नेटवर्क का हिस्सा इस रेल लाइन से उत्तर कोरिया, और मंगोलिया की रेल लाइनें भी जुड़ती हैं. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इस मोबाइल एप को इस तरह बनाया गया है जिसमें आसान तरीके से जरूरी योगासन समझाए जा सकें. इसमें श्वसन, शरीर के जोड़, स्ट्रेचिंग और ध्यान व विश्राम से जुड़े करीब 20 योगासन बताए गए हैं.रूसी और अंग्रेजी भाषा में होगा एप इस कार्यक्रमन की तैयारियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक रूसी और अंग्रेजी भाषा में यह एप्लीकेशन एंड्रॉइड और आईओएस मोबाइल प्लैटफॉर्म पर इस्तेमाल उपलब्ध होगा. इस एप्लीकेशन में कपालभाती,अनुलोम-विलोम प्राणायाम के अलावा हाथ-पैर व गर्दन के जोड़ को राहत देने वाले कई योगासन प्रयोग के तरीके आसान तरीके से बताए गए हैं. साथ ही रेल सफर के दौरान ताड़ासन, अर्ध कटिचक्रासन, अर्ध चक्रासन व त्रिकोणासन के तरीके भी एप्लीकेशन में मौजूद होंगे. ट्रांस साइबेरियन रेल लाइन के यात्री नए मोबाइल एप्लीकेशन के सहारे वज्रासन, पवनमुक्तासन और शशांकासन कर लंबे सफर की थकान को भी मिटा सकेंगे.।