सोशल मीडिया पर हो रहा है पुलिस प्रशासन का बहुत सारा वीडियो वायरल हो रहा है पुलिस के द्वारा आम आदमी ट्रैफिक नियमों को लेकर खुली छूट मिल गई मनमाने ढंग से कर रही है वसूली मानो पुलिस प्रशासन की दीपावली शुरू हो गई हो

वरिष्ठ नागरिकों का भी नहीं रखा जा रहा है ख्याल इसी तरीके से सोशल मीडिया पर एक भारतीय सेना के पद पर कार्यरत रहे जवान के साथ भी पुलिस प्रशासन ने किया अशोभनीय व्यवहार कपड़ा फाड़ना मारना क्या पुलिस प्रशासन का हक है किस कानून के दायरे में एक आम आदमी को पुलिस मारने पीटने का कार्य कर रही है और ऊपर बैठे पदाधिकारी व सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रहे हैं।

पुलिस प्रशासन के द्वारा गाड़ी का फोटो लेकर चालान सीधे घर पर भेजा जा सकता है तो आम जनता को लाठी-डंडों से और अवैध धारा लगाकर परेशान करने की क्या जरूरत है।