सूत्रों कि माने तो इस ट्रेन की सबसे खास बात यह है कि अगर इस ट्रेन के सफर में एक घंटे से अधिक की देरी होती है तो यात्रियों को इसकी क्षतिपूर्ति की जाएगी। IRCTC इस संभावना पर भी काम कर रही है। एक अधिकारी ने बताया कि ट्रेन की देरी होने की सुरत में यात्रियों को कुछ मुआवजा दिया जा सकता है। यह मुआवजा कुछ क्रेडिट के रूप में उनके ई-वॉलेट या भविष्य की यात्रा आदि के लिए रियायत के रूप में हो सकता है। IRCTC दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस में अतिरिक्त भोजन देने की भी योजना बना रहा है। इसके अतिरिक्त, दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस में चाय और कॉफी की वेंडिंग मशीनें भी होंगी जिससे यात्री जरूरत के अनुसार पेय पदार्थों की मांग कर सकते हैं। IRCTC ट्रेन में शौचालयों की संख्या को कम करने की भी योजना बना रहा है। इसके पीछे यह कहा जा रहा है कि हवाई जहाज में लगभग 190 यात्रियों के लिए तीन शौचालय हैं, जबकि ट्रेन के एक कोच में आमतौर पर 72 सीटें होती हैं। अत: एक कोच में दो ही शौचालय की व्यवस्था हो सकती है।
आईआरसीटीसी तेजस एक्सप्रेस के लिए डायनेमिक आधार पर किराए का निर्धारण कर सकती है जो वर्तमान में भारतीय रेलवे के कई प्रीमियम संस्करण वाले ट्रेनों में है जिसमें वंदे भारत, शताब्दी, राजधानी और हमसफर जैसी ट्रेनें शामिल हैं। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि तेजस एक्सप्रेस का किराया शताब्दी ट्रेनों की किराए के आसपास ही होगा। हालांकि अभी तक इसका खुलासा नहीं हो पाया है। इस ट्रेन में केवल कन्फर्म टिकट ही जारी होंगे। IRCTC सिर्फ इसके संचालन से ही नहीं, बल्कि कोचों पर विज्ञापन से भी कमाई करना चाहते हैं। यही कारण है कि कोचों की बाहरी और आंतरिक सजावट भी पर्यटन के थीम पर की जाएगी।

बहुत जल्द ही नई दिल्ली-लखनऊ रुट पर आपको भारत की पहली प्राइवेट ट्रेन में सफर करने का आनंद मिलेगा। जी हां…हम बात तेजस एक्सप्रेस की कर रहे हैं। नई दिल्ली-लखनऊ रुट पर तेजस ऐसी पहली ट्रेन होगी जिसमें परिचालन, सिग्नल और पार्सल बुकिंग का अधिकार रेलवे के पास होगा और बाकी सारा काम IRCTC के अधीन होगा यानि कि रेल टूरिज्म एंड कैटरिंग कॉरपोरेशन के पास। आपको बता दें कि लगातार भारत में रेलवे के निजीकरण होने के छिड़ी बहस के बीच भारतीय रेलवे ने अपनी दो तेजस एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन IRCTC के जरिए कराने का फैसला किया है। एक दिल्ली से लखनऊ के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस होगी जबकि दूसरी अहमदाबाद से मुंबई सेंट्रल रूट पर चलने चलेगी। पीयूष गोयल के नेतृत्व वाली भारतीय रेलवे ने अपनी 100-दिवसीय कार्ययोजना के तहत इस कदम को अंतिम रूप दिया है। तेजस एक्सप्रेस हर मानक पर संभव प्रयास है कि देश को एक बेहतरीन सुविधा जनक एक्सप्रेस ट्रेन उपलब्ध कराई जाए।