सितंबर की पहली तारीख से ट्रैफिक के नए नियम लागू होने के बाद से कई जगहों पर काफी चालान कटने की खबरें सामने आने लगी हैं. जुर्माने की रकम इतनी ज्यादा है कि अगर आप कहीं डीएल या दूसरे दस्तावेज़ ले जाना भूल गए तो बड़ी परेशानी हो सकती है. इसलिए हम आपको एक ऐसा तरीका बताने जा रहे हैं, जिससे आप इस समस्या से बच सकते हैं. mobile Application का यूज करके। 👇👇👇👇👇👇App Link..

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भारत सरकार के परिवहन मंत्रालय ने आईटी एक्ट के तहत पिछले साल कहा कि डिजीलॉकर या एम परिवहन पर मौजूद दस्तावेज की इलेक्ट्रॉनिक कॉपी को मूल दस्तावेज की तरह ही तरजीह दिया जाए. अगर किसी के पास इस ऐप में मूल दस्तावेजों की इलेक्ट्रॉनिक कॉपी है तो उससे मूल दस्तावेज देखने की ज़रूरत नहीं है. तो आपको अब कुछ नहीं करना है सिर्फ इस ऐप को डाउनलोड करना होगा. इसके बाद साइनअप करने के लिए अपना मोबाइल नंबर एंटर करना होगा. फिर आपके मोबाइल पर एक ओटीपी आएगी. उस ओटीपी को एंटर करके वेरिफाई करना होगा. ओटीपी डालने के बाद अगले स्टेप में लॉगिन करने के लिए अपना यूजर नेम और पासवर्ड सेट करना होगा.

इतना करने के बाद आपका डिजिलॉकर अकाउंट बन जाएगा. अब अपने डिजिलॉकर अकाउंट में आपको अपना आधार नंबर प्रमाणित करना होगा. इसके बाद आधार डेटाबेस में आपका जो मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है उस पर एक ओटीपी आएगा. उस ओटीपी को एंटर करने के बाद आपका आधार प्रमाणित हो जाएगा. अब डिजिलॉकर से आप आरसी, लाइसेंस और इंश्योरेंस की कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं और पुलिस को दिखा सकते हैं. एमपरिवहन (M-Parivahan) ऐप में गाड़ी के मालिक का नाम, रजिस्ट्रेशन की तारीख, मॉडल नंबर, इंश्योरेंस की वैधता आदि जानकारी रहती है. ऐसे में आपको किसी तरह के कागजात को साथ में लेकर चलने की जरूरत नहीं होगी.

ऐसे में अब ट्रैफिक पुलिस अपने पास मौजूद मोबाइल से ड्राइवर या परिवहन की जानकारी क्यूआर कोड के जरिए अपने डेटाबेस से निकाल सकती है और ड्राइवर द्वारा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने का भी रिकॉर्ड रख सकती है. आम आदमी ट्रैफिक नियमों की जानकारी करके ही अपना बचाव कर सकता है सावधान रहें सतर्क रहे।