‘चंद्रयान-2’ के लैंडर ‘विक्रम’ का चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया. सपंर्क तब टूटा जब लैंडर चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर था. लैंडर को रात लगभग एक बजकर 38 मिनट पर चांद की सतह पर लाने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन चांद पर नीचे की तरफ आते समय 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर जमीनी स्टेशन से इसका संपर्क टूट गया. ‘विक्रम’ ने ‘रफ ब्रेकिंग’ और ‘फाइन ब्रेकिंग’ चरणों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया, लेकिन ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ से पहले इसका संपर्क धरती पर मौजूद स्टेशन से टूट गया. इसके साथ ही वैज्ञानिकों और देश के लोगों के चेहरे पर निराशा की लकीरें छा गईं. लैंडर विक्रम से संपर्क टूटने के बाद पीएम मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सहित देश के तमाम नेताओं ने इसरो के वैज्ञानिकों का हौंसला बढ़ाया.

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि चंद्रयान-2 को चंद्रमा के सतह के करीब पहुंचाने की इसरो की कोशिशों से हर भारतीय गौरवान्वित है. लैंडर विक्रम के साथ इसरो केंद्र का संपर्क टूटने के चंद मिनट बाद शाह ने ट्वीट किया, “चंद्रयान-2 को लेकर अभी तक की इसरो की उपलब्धि पर प्रत्येक भारतीय को गर्व है.” उन्होंने कहा, “भारत हमारे प्रतिबद्ध और कठिन मेहनत करने वाले इसरो के वैज्ञानिकों के साथ है. भविष्य की यात्रा के लिए मेरी शुभकामनाएं.

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चंद्रमा की सतह पर उतरते समय लैंडर विक्रम से इसरो का संपर्क टूट जाने के कुछ मिनट बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अंतरिक्ष एजेंसी को शानदार कार्य के लिए बधाई थी और कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए एक प्रेरणा है. राहुल ने ट्वीट किया, “इसरो की टीम को चंद्रयान-2 मून मिशन पर शानदार काम के लिए बधाई. आपका जुनून और समर्पण प्रत्येक भारतीय के लिए एक प्रेरणा है.” विक्रम को चंद्रमा की सतह के करीब तक पहुंचाने में इसरो की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए राहुल ने कहा, “आपका का काम बेकार नहीं जाएगा. इसने कई बेजोड़ और महत्वाकांक्षी भारतीय अंतरिक्ष मिशनों की बुनियाद रखी

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस संबंध में ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि पूरा देश

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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी ट्वीट कर वैज्ञानिकों को सैल्यूट किया और उनके काम की सराहना की.

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इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लैंडर का संपर्क टूट जाने के बाद इसरो के वैज्ञानिकों से कहा, “देश को आप पर गर्व है. सर्वश्रेष्ठ के लिए उम्मीद करें. हौसला रखें.” प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों से कहा, “आपने बहुत उत्तम सेवा की है और हमेशा भारत को गौरवान्वित किया है. मैं पूरी तरह आपके साथ हूं.” इस दौरान मोदी ने वहां मौजूद छात्र-छात्राओं से भी बात की. बाद में इसरो ने कहा कि डेटा का अध्ययन किया जा रहा है और निर्धारित संवाददाता सम्मेलन रद्द किया जाता है. वहीं, विभिन्न विशेषज्ञों ने कहा कि अभी इस मिशन को असफल नहीं कहा जा सकता. लैंडर से पुन: संपर्क स्थापित हो सकता है. उन्होंने कहा कि अगर लैंडर विफल भी हो जाए तब भी ‘चंद्रयान-2′ का ऑर्बिटर एकदम सामान्य है और वह चांद की लगातार परिक्रमा कर रहा है.