इसरो ने बताया चांद पर हार्ड लैंडिंग के बाद तिरछा हो गया लैंडर

Chandrayaan-2 के लेंडर विक्रम को लेकर धीरे-धीरे जानकारियां मिलती जा रही हैं भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने बताया कि चांद पर हार्ड लैंडिंग के बाद विक्रम उसकी सतह पर तिरक्षा हो गया हालांकि वह टूटा नहीं है वैज्ञानिक इस बात की संभावना खंगालने में जुटे हैं कि विक्रम से संपर्क कैसे स्थापित हो सकता है 6 -7 सितंबर की रात चांद पर लैंडिंग के आखिरी क्षणों में विक्रम से इसरो का संपर्क टूट गया था जिस समय संपर्क टूटा था तब विक्रम चांद से मात्र 2.1 किलोमीटर की दूरी पर था संपर्क टूटने के बाद से ही वैज्ञानिक लैंडर का पता लगाने और उनके संपर्क बनाने की कोशिश में जुटे हैं अब chandrayaan-2 से आर्बिटर की मदद से वैज्ञानिक ने इसके बारे में जानकारी जुटाई हैं एक अधिकारी ने कहा चांद पर लेंडर के टुकड़े नहीं हुए हैं वह तिरछा हो गया है आर्बिटर पर लगे कैमरा ने जो तस्वीरें खींची हैं उससे पता चला है कि हार्ड लैंडिंग के बावजूद लैंडर उस जगह के बहुत नजदीक ही है जहां उसे उतरना था वैज्ञानिकों का दल उससे संपर्क साधने के काम में लगा है इसरो ने रविवार को कहा था कि आर्बिटर ने लेंडर के थर्मल इमेज खींची है।