प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक के खिलाफ छेड़ी गई लड़ाई को वैश्विक आकार दे दिया है। सोमवार को उन्होंने दुनिया के करीब 200 देशों को संबोधित करते हुए कहा एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा है भारत में आने वाले वर्षों में इसके इस्तेमाल को पूरी तरह से बंद करने का फैसला लिया ऐसे समय में दुनिया से आगे आए और इसे गुड बाय कहें प्रधानमंत्री की पहल पर देश भर में 2 अक्टूबर से एक बार इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक के खिलाफ मुहिम शुरू होनी है मोदी सोमवार को ग्रेटर नोएडा के एक्सप्रो सेंटर से चल रहे नाइट नेशन को संबोधित कर रहे थे उन्होंने भारत की पर्यावरण से जुड़ी प्रतिबद्धताओं को रेखांकित करते हुए एनसीसीडी से जल संरक्षण को एजेंडा में शामिल करने का आवाहन किया उन्होंने कहा दुनिया में जल संकट तेजी से बढ़ रहा है ऐसे में इसे वैश्विक रूप से देखने और काम करने की जरूरत है हमारी सरकार से लेकर पूरी तरह से कम है हम को लेकर तेजी से काम कर रहे हैं हाल ही में अलग से जल शक्ति मंत्रालय गठित किया है

मोदी ने कहा दुनिया के करीब दो-तिहाई देश मौजूदा समय में भूमि मरुस्थलीकरण से प्रभावित है भारत भी उसमें शामिल है भारत में जमीन के महत्व को समझा है हमारी संस्कृति कुछ ऐसी रही है जिसमें हमने धरती को मां कमाना है सुबह जमीन पर पैर रखने से पहले हम उनको नमन करते हैं प्रधानमंत्री ने इस दौरान पृथ्वी शक्ति मंत्र का पाठ भी किया है साथ ही कहा कि इसके बावजूद भी जमीन कितने वक्ता की सुधारने की दिशा में काम कर रहे हैं हमने किसानों को आय को दोगुना करने और जैविक खेती को बढ़ावा देने आम कदम भी उठाए हैं कार्यक्रम को वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावेडकर ने भी संबोधित किया उन्होंने कहा कि भारत 2015 से 2017 के बीच वन क्षेत्र में 8 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी की है सुधारने के लिए 40 हजार करोड से ज्यादा की राशि दी गई है।