आयोडीन की कमी से घेंघा रोग होता है थायराइड बच्चों के मस्तिष्क एवं शारीरिक विकास प्रभावित होने की समस्या होती है गर्भवती महिलाओं में इसकी कमी से गर्भ शिशु का शारीरिक एवं मानसिक विकास प्रभावित होता है गर्भपात का खतरा भी रहता है

तमाम जागरूकता अभियान के बावजूद देश में अभी 23.7 फीसदी घरों में आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल नहीं हो रहा है

76.3 फीसदी में ही आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल हो रहा है कुछ जगह पर अच्छे नतीजे आए हैं 13 राज्यों में यह आंकड़ा 90 फीसद से ज्यादा है जम्मू कश्मीर नागालैंड मणिपुर मिजोरम मेघालय में तो आयोडीन रहित नमक का प्रयोग करीब-करीब बंद हो चुका है तमिलनाडु आंध्र प्रदेश राजस्थान उड़ीसा झारखंड पांडिचेरी में अभी थोड़ी जागरूकता की जरूरत है राष्ट्र की सर्वे रिपोर्ट दिल्ली में 87.7 फीसदी घरों में लोग आओडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करते हैं जबकि 12.7 फीसद लोग साधारण नमक खा रहे हैं

चिंता की बात यह है कि बाजार में अभी आयोडीन रहित नमक दिख रहा है हालांकि नीति आयोग के सदस्य डॉ बीके पाल सर्वे के नतीजों से उत्साहित है इंडियन कोएलिशन फार द कंट्रोल आफ आयोडीन डिफिशिएंसी डिसऑर्डर, संस्कार पब्लिक वह न्यूट्रिशन इंटरनेशनल द्वारा मिलकर वर्ष 2018 से 2019 के बीच किए गए एक देशव्यापी सर्वे के आंकड़े सोमवार को जारी हुए इसके लिए देश भर से 21406 नमक व लोगों के यूरिन के सैंपल लिए गए

डॉक्टर चंद्रकांत पांडव ने कहा कि यह बड़ी बात है कि 76.3 फीसद लोग अच्छा नमक खा रहे हैं सर्वे के दौरान गर्भवती महिलाओं के यूरीन की भी जांच की गई उसने पाया कि महिलाएं विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा तय मानक के अनुसार नमक खा रही हैं एक व्यक्ति की प्रतिदिन 10 ग्राम नमक का इस्तेमाल करना चाहिए 55% लोगों ने सर्वे में बताया कि आयोडीन के इस्तेमाल से घेंघा रोग से बचाव होता है और ऐसे लोगों ने नमक खींचते समय आयोडीन सब देखकर ही खरीदारी किया जबकि 21 फीसद लोगों ने दुकानदार द्वारा दी गई जानकारी पर भरोसा किया सर्वे में यह भी पता चला कि 12.7 फीसद लोग क्रिस्टल नमक का इस्तेमाल करते हैं!