जांच में फेल हुए 20,000 वाहनों को भी जुगाड़ या पैसे से जारी कर दिया गया प्रदूषण प्रमाण पत्र

प्रदूषण जांच केंद्र पर लगी वाहनों की कतार में सभी वाहन पास नहीं हो पा रहे हैं इसमें 5% वाहन ऐसे भी हैं जो प्रदूषण जांच में फेल हो रहे हैं हालांकि किसी न किसी तरह से इन वाहनों को भी प्रदूषण जांच में पास होने का प्रमाण पत्र मिल रहा है इसके लिए प्रदूषण जांच केंद्र पर कई प्रकार से काम किया जा रहा है हालांकि कुछ जांच केंद्र ऐसे हैं जो जांच में फेल होने वाले वाहनों को वापस देने से साफ मना कर रहे हैं कई ऐसे भी हैं जो दूसरे वाहन की रीडिंग के आधार पर प्रमाण पत्र जारी कर रहे हैं 10 दिनों में लगभग 400000 वाहनों का कुमावत जारी किया गया है इसीलिए कहीं पैसा तो कहीं जुगाड़ काम कर रहा है एक जांच केंद्र के कर्मचारी ने बताया कि जिन लोगों के वाहन यहां जांच में फेल हो रहे हैं तो दूसरे केंद्र पर जाकर प्रमाण पत्र ले रहे हैं वहां किसी अन्य वाहन की रीडिंग के आधार पर प्रदूषण की जांच करके प्रमाण पत्र मिल जा रहा है

जांच में फेल वाहनों पर नहीं होती मौके पर कार्रवाई प्रदूषण जांच केंद्र पर जो वाहन जांच में फेल हो जाते हैं उन पर मौके पर कोई कार्रवाई नहीं होती है यह वाहन बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के सभी सड़कों पर दौड़ते रहते हैं वाहनो को बेहतर करने के लिए जरूरत है कि जांच में फेल वाहनों को तत्काल उस कमी को दूर किया जाए जिसकी वजह से वाहन प्रदूषण फैला रहा है अगर वाहन स्वामी उस कमी को दूर नहीं करता है तो मौके पर उसका चालान किए जाने की भी व्यवस्था होनी चाहिए