एलसीए की पहली अरेस्टेड लैंडिंग में शामिल सैन्य अधिकारियों ने बताया कि इस सफल परीक्षण ने भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शुमार कर दिया है जिसके पास ऐसे विमान डिजाइन करने की क्षमता है जो विमान वाहक पोत पर उतर सकते हैं

स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान तेजस के नौसैनिक संस्करण के विकास में एक अहम पड़ाव पार हो गया है तेजस ने शुक्रवार को सफलतापूर्वक अरेस्टेड लैंडिंग कम जगह में लैंडिंग करके विमान वाहक पोत पर उतरने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि के लिए परियोजना में शामिल पूरी टीम को बधाई दी है

स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान तेजस आई एन एस विक्रमादित्य पर उतर सकेगा रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा भारतीय सैनिक विमान के इतिहास में 800 अक्षरों में लिखा जाएगा इस दिन को गोवा में शॉर् बेस्ट टेस्ट फैसिलिटी आईएनएस हंस पर हुआ विक्रमादित्य पर लैंडिंग के प्रदर्शन का मार्ग प्रशस्त कर दिया है मंत्रालय के बयान में कहा गया कि इस प्रशिक्षण में एक नए दौर की शुरुआत की है जिसमें एक साझा लक्ष्य को हासिल करने के लिए कई एजेंसियां एक साथ आई है तेजस का नौसैनिक संस्करण अभी विकास के चरण में है इसके विकास में रक्षा एवं अनुसंधान विकास संगठन के साथ विमान विकास एजेंसी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड का अभिमान अनुसंधान एवं डिजाइन केंद्र वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद और अन्य संगठन शामिल हैं

सेना ने जानकारी दिया क्या है अरेस्टेड लैंडिंग अभिमान को कम जगह में उतारने के लिए रनवे पर तार लगा दिए जाते हैं लैंडिंग के दौरान जैसे ही विमान रनवे पर दौड़ता है तो वहां लगे तारों की मदद से उसकी गति को बेहद धीमा कर दिया जाता है अरेस्टेड लैंडिंग की पायलट ने विमान में 40 मिनट तक उड़ान भी भरा उन्होंने बताया एक सामान्य एलसीए को उड़ान भरने और लैंडिंग के लिए 1 किलोमीटर लंबे रनवे की जरूरत होती है लेकिन नौसैनिक संस्करण को उड़ान भरने के लिए 200 मीटर और लैंडिंग के लिए 100 मीटर का रनवे चाहिए