चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को थमाया जा सकते हैं सूत्रों की मानें तो दीजिए अब इन फ्लैटों को केंद्र सरकार के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को आवंटित कर सकता है इस प्रस्ताव को जल्द ही केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय को भेजा जा सकता है

दिल्ली विकास प्राधिकरण की आवासीय योजना 2019 के बच्चे हुए फ्लैट अब डीडीए के लिए जी का जंजाल बन गया है 40 सिद्धि तक कीमत घटाने के बावजूद उन्हें लेने में लोग दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं आलम यह है कि प्लेटो की को बेचने के लिए नए सिरे से निकाली गई इसकी में भी 15 दिनों में के दौरान करीब 15 ही आवास आए हैं जबकि फ्लैटों की संख्या साढे़ सात हजार से भी ज्यादा है हताश निराश दिल्ली विकास प्राधिकरण अब इन फ्लैटों को सरकारी कर्मचारियों के जरिए ठिकाने लगाने पर विचार कर रहा है

5 लाख कीमत हुई कम आवास योजना 2019 में दो श्रेणी के ईडब्ल्यूएस फ्लैट लांच किए गए थे कुछ फ्लैट तो पुराने बने हुए थे जबकि 6536 फ्लैट नए थे नए बने फ्लैटों में पार्किंग एवं लिफ्ट की सुविधा भी दी गई थी डीडीए की ओर से इन नए फ्लैटों की कीमत 17 से 19 लाख रुपए तक रखी गई थी लेकिन 40 सीसी की छूट के बाद उनकी कीमत में ₹500000 तक का अंतर आ गया है इसी तरह पुराने बने फ्लैटों की कीमत ₹1000000 हैं जिन पर 10 सिद्दीकी छूट दी जा रही है आवेदकों के मुताबिक इन फ्लैटों का आकार काफी छोटा है जल बोर्ड के पीने का पानी का नेटवर्क भी नहीं है और परिवहन के साधनों की भी यहां समस्या है

यह सही है कि नरेला के इन ई डब्ल्यू एस फ्लैटों को लेकर अब तक कोई खास रिस्पांस नहीं आया है लेकिन इस किंग की अंतिम तिथि यानी 31 अक्टूबर तक हमारे पास समय है उम्मीद है कि इन फ्लैटों में से काफी बिक जाएंगे बच्चे फ्लैटों के लिए कोई दूसरी योजना बनाई जाएगी ।