मेजर सुरेंद्र पुनिया स्पेशल फोर्सेज बटालियन देश के सामने जनसंख्या नियंत्रण समस्या को लेकर वार्ता में बहुत बड़ी बात बताई मेजर का मानना है इंसान होने के नाते दुनिया में किसी भी हिस्से में किसी के साथ गलत हो रहा हो तो हमारी हमदर्दी उन लोगों के साथ होनी चाहिए और अगर हम इतने मजबूत हैं की उन लोगों की मदद कर सकें तो उनकी मदद करनी चाहिए तो उनके खाने में रहने में इलाज में मदद करनी चाहिए

आप जानते हैं की रोहिंग्या इमीग्रेट थे वहां वायलेंस हुई और रोहिंग्या मुसलमान भारत में आएं और भारत सरकार ने उनके इलाज के लिए खाना दवा सभी चीजों का प्रबंध किया लेकिन दुख इस बात का है कि बर्मा से जो बॉर्डर है आसाम से लगे हुए जो एरिया हैं वहां से इतना दूर सफर कर जम्मू कश्मीर मैं कैसे सेटल हुए बीच में बहुत सारे राज्यों को पार करते हुए बिहार यूपी पंजाब हरियाणा दिल्ली से आगे जम्मू कश्मीर में बस रहे हैं और एक नहीं हजारों की संख्या में इतनी बड़ी तादाद में और किसी को पता नहीं तो ऐसा क्यों हो रहा है और कौन करा रहा है ? ऐसे रोहिंग्या वहां आकर बस नहीं रहे हैं वहां का वोटर आईडी कार्ड बिजली पानी आधार कार्ड सब मिल रहा है इसका क्या मतलब है कि देश में कुछ लोग उनको वहां लाकर इसलिए बसाना चाह रहे हैं कि उनको वोट मिल सके क्या ऐसे लोग अपने राजनीतिक फायदे के लिए ऐसा कर रहे हैं देश के अंदर अपने खुद के भी लोग हैं कश्मीर के अंदर कश्मीरी पंडितों को 1990 से कश्मीर से निष्कासित हो रखे हैं आपको अंदाजा है कितने साल हो गए 31 साल हो गए उनको पुनः कश्मीर में बसाया नहीं जा रहा है और जो बर्मा बॉर्डर से आए हैं रोहिया मुसलमान उनको कश्मीर में क्यों बसाया जा रहा है उनको आधार राशन कार्ड दिया जा रहा है इसके पीछे कुछ लोगों का क्या संयंत्र है कश्मीर के कुछ नेता जो आईएसआई के इशारे पर इन लोगों को ला रहे हैं और कल को इन्हीं लोगों को देश के खिलाफ यूज करेंगे अपने वोटों की राजनीति करेंगे कुछ दिन पहले बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा की रोहिंग्या को हम अपने स्टेट में ले आती हूं

जबकि बंगाल में पहले से ही 9 करोड़ लोग हैं पहले सरकार उनके बारे में सोचें उनका तो भला करें भारत में हर रोज 144000 बच्चे पैदा हो रहे हैं जिस देश की पापुलेशन 135 करोड़ हो सरकार उन लोगों के बारे में कब सोचेगी ?