सुनवाई के दौरान अखिल भारतीय हिंदू महासभा के वकील विकास सिंह ने एक नक्शा सौंपते हुए कहा कि वह इसके जरिए सटीक जन्मस्थान बताना चाहते हैं जो बीच वाले गुंबद के नीचे था नक्शा पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल की किताब अयोध्या रिविजिटेड से लिया गया है इसका विरोध करते हुए सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धवन ने कहा कि वह इसे नहीं मानते चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा आप ना मानी इसके बाद धवन ने कहा मैं इसे फेंकना चाहता हूं और उन्होंने नक्शे को भरी अदालत में फाड़ दिया जस्टिस ने कहा आप और टुकड़े कर सकते हैं इसके बाद धवन ने नक्शे के टुकड़े कर फेंक दिए राजीव धवन ने बाद में दी सफाई इससे नाराज सीबीआई ने कहा आप चाहे तो पूरे पढ़ सकते हैं अगर ऐसा चलता रहा तो सुनवाई अभी पूरी कर दी जाएगी फिर जिस से भी दलील देनी हो वह लिखित में ली जाएगी बाद में धवन ने सफाई दी मैं नक्शा देखना चाहता था पर सीबीआई ने कहा कि वह टुकड़े कर सकते हैं चीफ जस्टिस ने विवाद खत्म करने के लिए कहा हां कहा था वकीलों के मुताबिक ऐसा पहली बार हुआ जब भरी अदालत में कोई दस्तावेज पढ़ा गया हो हिंदू महासभा ने बाद में बार काउंसलिंग से लिखित शिकायत की